आजकल, बढ़ती हुई जीवनशैली में, हम अक्सर अपने ही रिश्तों से दूर होते जा रहे हैं। भारत जैसे देश में, जहाँ सामाजिक बंधन हमेशा से ही महत्वपूर्ण रहे हैं, यह एक चिंता का विषय है। कई बार लोग काम या अन्य दायित्वों में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि वे अपने के साथ समय बिताने का मौका ही नहीं पाते। इससे भावनात्म